सोमवार, 13 नवंबर 2023

EK KISAN AUR USAKE CHOR BETE KI KAHANI/एक किसान और उसके चोर बेटे की कहानी।

 एक बूढ़ा किसान था , उसका एक जवान बेटा था। दोनो मिलके खेती करके अपना , गुजारा करते थे। फसल अच्छी होने के कारण आजू बाजू के गांव वाले जलने लगे , एक दिन किसान के बेटे को चोरी के मामले में किसी एक गांव वाले ने फसा दिया उन्होंने पोलिस को कंप्लेन की, पोलिस ने उसे पकड़े के जेल ले गए, चोरी साबित हुई और उस बेकसूर लड़के को कई सालो की सजा हो गई। किसान बूढ़ा होने के कारण खेती नही कर सकता था, जो कुछ उसके पास जमा किया गया था , अब सब खत्म होने लगा , बेटा भी कब जेल से छूटेगा उसे समझ नहीं आ रहा था। उसने अपने बेटे को खत लिखा और कहा, मुजमे अब खेती करने की ताकत नहीं बची, मैं हल नही जोत सकूंगा, मैं तुम्हारी राह कब तक देखू,  अपनी राय दो नही तो मुझे ये खेत बेचना पड़ेगा , तभी मेरा गुजारा होगा। बेटे ने जेल में खत पड़ते ही , पिताजी को जवाब में लिखा की मैने चोरी का धन खेत में गाड़ दिया है। तुम उसे निकलो और अपना गुजारा करो। ऐसा पत्र लिखके उसने दरोगा को दे दिया, दरोगा ने पत्र खोला और पड़ा तो उनको आंके चौक गई, उन्होंने तुरंत सभी पोलिस को लेके खेत उखड़ने लगे , चारो तरफ हल चलाने लगे चोरी का सामान डूंडने के लिए, पर उन्हे कुछ नही मिल पाया। वह खाली हात लौट गई पर पूरा खेत कुछ ही दिनों में खेती के लिए तयार हो गया। बेटे ने फिर एक खत अपने पिताजी को लिख दिया। की, खेत की खुदाई अच्छे से हो गई है, आप अब बीज बो सकते है। पिताजी को लगा की पोलिस वालो ने हमारी मदत को , पिताजी ने बीज बोए और कुछ महीनो बाद फसल बहुत अच्छी हो गई , उस किसान को कई गुना मुनाफा हो गया , वह बहुत खुश हुआ। और गांव वाले फिर से दुखी हुए। पोलिस वालो ने भी उस बेटे की होशहरी की दाद दी गई, और उसे बेगुनाह छोड़ दिया।

इस कहानी का बोध। की काम हमारे बुद्धि से जीवन मैं आए हुवे है हर एक तकलीफ का सामान कर सकते है, हम मिलो दूर से भी अपने बुद्धि से किसी को भी मदत कर सकते है। 

!! धन्यवाद !! 



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